चार्ट में जो नहीं लिखा होता
चार्ट ताक़तवर है, सर्वज्ञ नहीं. जो जानता है कि उसमें क्या नहीं है, वह ज़्यादा दिन टिकता है.
जो लिखा है
भाव, वॉल्यूम, और उनका समय-क्रम. इससे आगे कुछ नहीं.
जो नहीं लिखा
- क्यों हिला — नतीजे, ब्याज दर, किसी का बड़ा ऑर्डर
- आगे क्या आ रहा है — ख़बर से पहले का चार्ट ख़बर नहीं जानता
- ऑर्डर बुक की गहराई — वही भाव, पर सौदा उसी भाव पर हो, ज़रूरी नहीं
- आपकी अपनी हालत — कितनी देर रुक सकते हैं, कितना सह सकते हैं, ज़िंदगी. यह सबसे भारी है
इसलिए आकार दाँव नहीं, संभावना हैं
वही आकार हर बार अलग नतीजा देता है. आकार इतना कह सकता है कि "झुकाव इधर है." यह नहीं कह सकता कि इस बार क्या होगा.
झुकाव सच्चा है या नहीं, यह गिनने पर ही पता चलता है.
गिनते वक्त सावधानी
सिर्फ़ "कब काम आया" गिनेंगे तो हमेशा कुछ न कुछ काम आता मिल जाएगा. नाकामियाँ भी उन्हीं नियमों से गिनिए. उसी पल ज़्यादातर आकार मामूली आँकड़ों पर आ बैठते हैं.
मामूली आँकड़े ही काम के होते हैं. चमकदार आँकड़ों की वजह अक्सर गिनने के तरीके में छिपी होती है.
यह सीखने के लिए है, निवेश सलाह नहीं.
#बुनियाद#जोखिम
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